एक्सेल एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘120 बहादुर’ भारतीय सेना के इतिहास की एक भूली हुई वीर गाथा को पर्दे पर ला रही है। यह फिल्म 1962 के भारत-चीन युद्ध में लद्दाख की बर्फीली चोटी ‘रेजांग ला’ पर लड़े गए अदम्य साहस की कहानी दिखाएगी। यहां 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सिर्फ 120 जवानों ने हजारों चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया। चारों तरफ से घिरे होने के बावजूद, उन्होंने एक इंच भी पीछे नहीं हटने का फैसला किया।
इन वीरों का नेतृत्व मेजर शैतान सिंह भाटी ने किया, जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला। वे शांत स्वभाव के, लेकिन पहाड़ जैसे मजबूत इरादों वाले योद्धा थे। 18 नवंबर 1962 को उन्होंने अपने साथियों के साथ मोर्चा संभाला। हर सैनिक ने अपनी जान की बाजी लगा दी, लेकिन दुश्मन को आगे नहीं बढ़ने दिया।
करीब तीन महीने बाद जब बचाव दल वहां पहुंचा, तो नजारा सबको स्तब्ध कर गया। सभी 120 जवान बर्फ में जमे हुए थे, लेकिन उनकी राइफलें अभी भी दुश्मन की तरफ तनी हुई थीं। ये शहीद अपनी पोजीशन पर अंतिम सांस तक डटे रहे।
हर साल नवंबर में, रेजांग ला वॉर मेमोरियल पर इन जांबाजों को याद किया जाता है। पर अब तक उनकी शौर्य गाथा आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई थी। ‘120 बहादुर’ फिल्म इसी खामोशी को तोड़ेगी। फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म को रज़नीश ‘रेज़ी’ घई ने डायरेक्ट किया है और रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर व अमित चंद्रा प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह देशभक्ति से भरपूर फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में आएगी।











